Download Cyber Classes Android App from playstore

Skip to main content

Important fact about Sikh Religion : सिख धर्म से सम्बंधित प्रमुख तथ्य

 

सिख धर्म से सम्बंधित प्रमुख तथ्य : Important fact about Sikh Religion

दस गुरु साहिबानों के नाम क्रम वार  

1.       गुरु नानक देव जी (1469-1539)

2.       गुरु अंगद देव जी (1504-1552)

3.       गुरु अमरदास जी (1479-1574)

4.       गुरु राम दास जी (1534-1581)

5.       गुरु अरजन देव जी (1563-1606)

6.       गुरु हरगोबिद जी (1595-1644)

7.       गुरु हरिराय जी (1630-1661)

8.       गुरु हरिकृष्ण जी (1656-1664)

9.       गुरु तेगबहादुर जी (1621-1675)

10.   गुरु गोबिंद सिंह जी (1666-1708)

सिक्ख पंथ के पहले पांच प्यारों के नाम

1.       भाई दया सिंह जी

2.       भाई धरम सिंह

3.       भाई हिम्मत सिंह जी

4.       भाई मोहकम सिंह जी

5.       भाई साहिब सिंह जी

सिक्ख धर्म के पांच ककारों के नाम

1.       केस

2.       कंधा

3.       किरपान

4.       कड़ा

5.       कछिहरा

पांच तख़्तों के नाम

1.       श्री अकाल तख़्त साहिब ,अमृतसर, पंजाब

2.       श्री हरिमंदिर साहिब, पटना,बिहार ( पटना साहिब)

3.       श्री केसगढ़ साहिब, आनंदपुर, पंजाब (आनंदपुर साहिब)

4.       श्री हजूर साहिब, नांदेड़ महाराष्ट्र

5.       श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, बठिंडा,पंजाब

 

उन दो गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रो के नाम  जिन्हें जिन्दा दिवार में चिनवा दिया था

·         बाबा फतेहाबाद सिंह जी

·         बाबा जोरावर सिंह जी

उन दो गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रो के नाम जो चमकौर की लड़ाई में शहीद हुए थे

·         बाबा अजीत सिंह जी

·         बाबा जुझार सिंह जी

खालसा पंथ के धरम पिता कौन - गुरु गोविंद सिंह जी

खालसा  की धरम माता कौन - माता साहिब कौर जी

खालसा पंथ की नींव कहाँ रखी गयी थी - आनंदपुर साहिब

सिक्ख शब्द से आप क्या समझते है - शिष्य (सीखने वाला)

गुरमुखी लिपि पढ़ाना सबसे पहले किसने शुरु किया था - गुरु अंगद देव जी

गुरु का लंगर की प्रथा सबसे पहले किसने शुरु की थी - गुरु अमरदास जी

आदि श्री गुरु ग्रन्थ साहिब (पोथी साहिब)सबसे पहले किसने  लिखी थी - गुरु अरजन देव जी

श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के पहले ग्रंथी कौन थे - बाबा बुड्डा जी

श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के कितने अंग (पन्ने) है - 1430

श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी में कितने गुरुओं की बाणी दर्ज है- कुल 6 गुरुओं की पहले पांच एवं नोवें गुरु जी की

किस गुरु को शहीदों के सरताज भी कहा जाता है - गुरु अरजन देव जी

किस गुरु को मीरी-पीरी के मालिक कहा जाता है - गुरु हरिगोबिंद जी

किस गुरु का सिर धड़ से अलग किया गया था - गुरु तेगबहादुर जी

किस गुरु को हिन्द-दी -चादर भी कहा जाता है - गुरु तेगबहादुर जी

सिक्ख धरम में शादी को क्या कहते है - आनन्द कारज

गुरु नानक देव जी की यात्राओं को क्या कहा जाता है - उदासी

उस गुरुद्वारे का नाम बताईये जहाँ वली कंधारी का अहंकार टूटा था - पंजा साहिब

गुरु नानक देव जी कहाँ एवं कब ज्योति ज्योत समाये थे - 1539, करतार पुर

गुरु अरजन देव जी के पुत्र का नाम बताईये - हरिगोबिंद जी

वहां कौन सा गुरुद्वारा है जहाँ गुरु अरजन देव जी को शहीद किया गया था - डेरा साहिब

गुरु हरिगोबिंद जी को कैदी की तरह कहाँ रखा गया था - ग्वालियर का किला

गुरु हरिगोबिंद जी को जब रिहा किया गया तब उनके साथ उनका चोला पकड़ के और कितने राजाओं को रिहा किया गया था - 52 राजा

गुरु हरिगोबिंद जी ने दो तलवारें धारण की थी उनके नाम बताओ - मीरी पीरी

अकाल तख़्त की स्थापना किसने की थीं - गुरु हरिगोबिंद जी

मिर्जा राजा जयसिंह के बंगले पर अब कौन सा गुरुद्वारा है जहाँ गुरु हरिकृष्ण जी ठहरे थे- गुरुद्वारा बंगाला साहिब

जहाँ गुरु हरिकृष्ण जी का अंतिम संस्कार हुआ वहां अब कौन सा गुरुद्वारा है - गुरुद्वारा बाला साहिब

गुरु तेगबहादुर जी की पत्नी का क्या नाम था - माता गुजरी जी

गुरु तेग बहादुर जी के साथ शहीद होने वाले तीन सिक्खों को कैसे शहीद किया गया था

·         भाई मती दास जी (आरी से काट के शहीद किया गया)

·         भाई सती दास जी (रुई में लपेट कर आग लगा दी गई)

·         भाई दयाला जी (गर्म पानी में उबाला गया)

किसके नेतृत्व में 500 कश्मीरी पंडित गुरु तेगबहादुर जी के पास मदद मांगने के लिये आये थे

पंडित कृपा राम (जो की बाद में गोबिंद सिंह जी के संस्कृत के गुरु भी बने एवं फिर खालसा सजे एवं अंत में चमकौर की लड़ाई में शहीद हो गए )

जहाँ गुरु तेगबहादुर जी को शहीद किया गया वहां कौन सा गुरुद्वारा है - गुरुद्वारा सीस गंज, चांदनी चौक दिल्ली

जहाँ गुरु तेगबहादुर जी के शरीर का संस्कार हुआ वहां कौन सा गुरुद्वारा है - गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब ,दिल्ली

वहां कौन सा गुरुद्वारा है जहाँ श्री तेगबहादुर जी के सीस का संस्कार हुआ था -गुरुद्वारा सीस गंज साहिब आनंदपुर

चमकौर की लड़ाई के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी नंगे पैर कौन से जंगलों में रहे - माछीवाड़ा

अमृतसर शहर के पांच सरोवरों के नाम बताईये


1.       अमृतसर

2.       कौलसर

3.       संतोखसर

4.       बिबेकसर

5.       रामसर

click android icon to download cyber class android app

गुरु गोबिंद सिंह जी ने माधो दास को अमृत पान के बाद क्या नाम दिया - बंदा सिंह

बंदा सिंह ने पंजाब छोड़ने से पहले सिक्खों को क्या दिया - निशान साहिब एवं नगाड़ा

गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ का पहला जत्थेदार किसे बनाया था -बंदा सिंह

मिसल के समूह को क्या कहते थे - दल खालसा

पहले दल खालसा की स्थापना किसने की थीं - नवाब कपूर सिंह

शेरे-ए-पंजाब का खिताब किसे प्राप्त है - महाराजा रणजीत सिंह

सरदार हरी सिंह नलवा ने कौन से प्रसिद्ध गुरुद्वारा की स्थापना की - गुरुद्वारा पंजा साहिब

मोदीखाना साखी कौन से गुरु जी से सम्बंधित है -गुरु नानक देव जी

सुखमनी साहिब के रचयिता कौन है - गुरु अरजन देव जी

होला मोहल्ला का त्यौहार कौन से गुरु जी ने शुरु किया था - गुरु गोबिंद सिंह जी

सिक्खों के कैलेंन्डर का क्या नाम है - नानकशाही कैलेन्डर

नानकशाही कैलेन्डर सूर्य या चन्द्र किसकी गति के हिसाब से चलता है - सूर्य

नानकशाही कैलेन्डर का पहला वर्ष कौनसा है - 1469(जब गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था)

गुरु नानक देव जी और सिद्धों के बीच मुलाकात (सिद्ध गोस्ट)कहाँ पर हुआ था -कैलाश पर्वत ( सुमेर पर्वत)

माता खीवी जी कौन थी - माता खीवी जी गुरु अंगद देव जी की पत्नी थी और वह सिक्ख इतिहास में केवल एक स्त्री है जिनका नाम गुरु ग्रन्थ साहिब जी में दिया है

अकाल तख़्त का क्या मतलब होता है - सर्वशक्तिमान सर्वव्यापक अकाल पुरख का सिंहासन

किस मुगल बादशाह ने गुरु तेगबहादुर जी का सिर धड से अलग करने का हुक्म दिया था - औरंगजेब

सुखमनी साहिब में कितनी अष्टपदियां है -24

गुरु अमरदास जी ने कौन सा शहर बसाया था जहाँ वह गुरु बनने के बाद रुक गये थे - गोइंदवाल

श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी में गुरबाणी कितने रागों में लिखी गयी है -31

हिन्दू धर्म के बारे महतवपूर्ण तथ्य || Some important fact about Hindu religion

👉click here to read other cultural post

Comments

Popular posts from this blog

Chiranjeevi Yojana || चिरंजीवी योजना

  चिरंजीवी योजना || Chiranjeevi Yojana परिचय राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा 2021-22 में ’यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज’ को प्रदेश में लागू करने की घोषणा की है जिसकी अनुपालना में दिनांक 1 मई 2021 से प्रदेश में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की जा रही है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रदेश के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है जिसमें राज्य के सभी परिवार एवं आयुवर्ग के लोग सम्मिलित है। इसमें कोविड सहित 1576 पैकेजेज एवं प्रोसिजर्स सम्मिलित है। योजनार्न्तगत अस्पताल में भर्ती के 5 दिन पहले एवं 15 दिन बाद तक का उपचार व्यय शामिल है। प्रदेश के समस्त नागरिकों को चिकित्सा पर लगने वाले बड़े खर्चो से मुक्त कर उत्तम स्वास्थ्य की प्रतिबद्धता से इस योजना को लाया गया है ताकि तकलीफ एवं गंभीर बीमारी के ईलाज में पैसे की कोई बाध्यता नहीं हो।राजस्थान सरकार सदैव प्रदेश के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न नवाचार करने में अग्रणीय रही है। राजस्थान ने पूर्व में भी प्रदेश में निःशुल्क दवा एवं निःशुल्क जांच योजना का सफल सं...

Myths about Covid -19

Myths about Covid-19 1 Can Covid-19 be transmitted through goods produced in countries where there is ongoing transmission?  Explain: Although it can last on surfaces for many hours, but the environment, transportation and varying temperatures during shipment make it difficult for the virus to remain active. If you feel the surface may be contaminated, clean it with a disinfectant and wash your hands after touching it.   2 Can Covid-19 be transmitted through mosquitoes? Explain:  There is no evidence that the novel coronavirus can be transmitted through mosquitoes. The virus can be spread through droplets from coughing, sneezing or a patient’s saliva. 3 How can we be sure that our clothes don’t spread coronavirus 2019? Explain:  Besides showering every day, you should wash your clothes using detergent or soap in 60-90 ํC water or add bleach. Dry the clothes in a high temperature dryer or in the sun. 4 Can drinking alcohol help prevent Covid-19? Explain:...

Cyber Security : Phishing Attack || साइबर सुरक्षा : फिशिंग अटैक

  फ़िशिंग क्या है ? फ़िशिंग , भ्रामक ई-मेल और वेबसाइटों का उपयोग करके व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करने का एक तरीका है।   यहां आपको   यह साइबर हमला कैसे काम करता है और इसे कैसे रोका जाए   की जानने की   आवश्यकता है। फ़िशिंग परिभाषा फ़िशिंग एक साइबर हमला है जो   ईमेल को एक हथियार के रूप में उपयोग करता है।   लक्ष्य यह है कि ईमेल प्राप्तकर्ता को यह विश्वास दिलाने के लिए कि संदेश कुछ ऐसा है जिसे वे चाहते हैं या उसकी आवश्यकता है - उनके बैंक से अनुरोध , उदाहरण के लिए , या उनकी कंपनी के किसी व्यक्ति से एक नोट - और एक लिंक पर क्लिक करें या एक अटैचमेंट डाउनलोड करें। " फिश" का उच्चारण ठीक उसी तरह किया जाता है जैसे कि यह वर्तनी है , जिसे "मछली" शब्द की तरह कहना है -   1990 के दशक के मध्य   में हैकर्स के बीच   यह शब्द   उत्पन्न हुआ ,   जिसका उद्देश्य AOL उपयोगकर्ताओं को अपनी लॉगिन जानकारी देने में धोखा देना था।   2019 Verizon Data Breach Investigations की रिपोर्ट के   अनुसार पिछले वर्ष के सभी cyber attack...